राम मंदिर जाना है? ये जाने बगैर ना जाएं


सदियों का इंतज़ार अब जल्दी ही  ख़त्म  होने जा रहा है और रामलला  अयोध्या  में विराजमान होने को तैयार है।  इस भव्य समारोह का आयोजन  कई चीज़ों का ध्यान रखते हुए किया जा रहा है।  22 जनवरी का वो दिन होगा जब देश के प्रधानमंत्री राम मंदिर का उद्घाटन करेंगें।

इस मंदिर को लेकर काफ़ी लम्बी लड़ाई चली और परिणाम अब सबके सामने है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बन रहा है

राम मंदिर जाते समय इन चीज़ों का रखे ध्यान 

अखबार The Hindu  के अनुसार 26  जनवरी से भारत के हर राज्य के लोग रामलला के दर्शन उनकी जन्मभूमि अयोध्या में कर पाएंगे। दर्शन-पूजन के दौरान भक्तों को कई नियमों का पालन करना होगा आइये राम मंदिर दर्शन के नियमों के बारे में जानते हैं जिससे आप आसानी से रामलला के दर्शन कर सकेंगे

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रभारी प्रकाश गुप्ता का केहना है कि रामलला के दर्शन का एक निश्चित समय होगा. पहले चरण में भक्त सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे  इस अवधि के दौरान भक्तों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन सुरक्षा कारणों से घड़ियां, मोबाइल फोन, हेडफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान पहनना प्रतिबंधित है। प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए जाने वाले रास्‍ते पर कई बैरियर पर चेकिंग की जाएगी. इस दौरान अगर आपके पास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, तो आपको वापस भी आना पड़ सकता है प्रभारी प्रकाश गुप्ता  ने ये भी बताया कि अगर आप रामलला के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो रुपये के साथ ATM  कार्ड ले जा सकते हैं

अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान, कर्नाटक और नेपाल से लाखों टन पत्थर लाए गए हैं। इन्हीं पत्थरों से राम मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। मंदिर निर्माण में मजबूती की दृष्टि से राजस्थान के पत्थरों को सबसे उपयुक्त पाया गया था, तो रामलला की मूर्ति के निर्माण के लिए कर्नाटक से आए पत्थरों को सबसे सही पाया गया था। नेपाल की नदी से आए शालिग्राम रूपी पत्थरों को भी मंदिर में स्थापित किया जाना है।

यह पवित्र शहर हजारों भक्तों के स्वागत की तैयारी कर रहा है। उधर, श्रद्धालुओं का उत्साह परवान चढ़ने लगा है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोग अयोध्या जाने की योजना बना रहे है. 21-23 जनवरी 2024 के दौरान अयोध्या के 80 फीसदी होटल बुक हो चुके हैं. स्थानीय अधिकारियों ने जनवरी में होने वाले एक बड़े आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। रामायण होटल के प्रबंधक अमित मिश्रा ने कहा कि वे मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार हैं, लेकिन कई लोगों ने तारीखों की घोषणा से पहले ही जनवरी के लिए  होटल बुक कर लिया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के खान पान का ख़ास ध्यान रखा जाएगा. ज़्यादातर होटल्स 22 जनवरी तक पूरी तरह बुक हो चुके हैं होटल स्टाफ मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष तैयारी कर रहे है। रामायण होटल के शेफ ने कहा कि वे इस खास मौके के लिए खास व्यंजन तैयार कर रहे हैं. व्रत के भोजन के साथ-साथ सादा भोजन भी परोसा जाएगा

आइये इस भव्य मंदिर से जुडी कुछ और चीज़ों के बारे में बात करते है:

1.  Larsen & Toubro  18,000 करोड़ रुपये की लागत से राम मंदिर का निर्माण कर रही है और यह Hindu Architecture पर आधारित होगा।

2.  इस पवित्र  मंदिर के निर्माण के लिए जय श्री राम लिखी विशेष ईंटों का उपयोग किया जा रहा है।

3.  विश्व हिंदू परिषद  ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा  करना शुरू कर दिया। मंदिर निर्माण में योगदान के तौर पर देशभर के नागरिकों द्वारा 10 रुपये से लेकर लाखों रुपये तक का दान दिया गया।

4.  राम मंदिर अयोध्या बजट 2024 18,000 करोड़ रुपये है

5.  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवंटित टोटल ज़मीन 70 एकड़ है जिसमें अलग-अलग मंदिर बनाए जाएंगे। इसमें 2.7 एकड़ का मुख्य मंदिर परिसर है जिसमें श्री राम की मूर्ति रखी जाएगी और भक्तों द्वारा पूजा की जाएगी। इसके अलावा, अन्य देवताओं जैसे भगवान गणेश, शिव और अन्य के मंदिर भी हैं, जहां भक्त जा सकेंगे

 6.  इसमें 5 मंडप होंगे जिन्हें कुडु, नृत्य, रंग, कीर्तन और प्रार्थना के नाम से जाना जाएगा

उद्घाटन समारोह में 4000 मीटर से ज़्यादा  की दूरी तय करने की उम्मीद है।  देश भर की अलग अलग परंपराओं और लगभग 140 समुदाएं से लगभग 2500 लोगो को भी निमंत्रण भेजा जाएगा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी चम्पत राय का कहना है की जो भी अतिथि प्राण प्रतिष्ठा के लिए आएं वो  indentification purpose के लिए अपना आधार कार्ड लेकर आएं।  मंदिर परिसर के आसपास नई दुकानें खुलेंगी, जो स्थानीय व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। यह स्थानीय मंदिर व्यापारियों, रेस्टोरेंट्स, होटल्स और होमस्टे  के लिए भी एक शानदार अवसर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हज़ारों भक्तों और यात्री के शहर में आने से अयोध्या की अर्थव्यवस्था काफ़ी बेहतर हो जाएगी. प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इसकी तैयारी चल रही है. राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी और महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 तारीख के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है प्रमुख आयोजनों के निमंत्रणों की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी के पुजारी राधे श्याम दीक्षित ने 22 जनवरी की तारीख तय की है और उस दिन अनुष्ठान करेंगे। 

 

 

 


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